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छत्तीसगढ़

पुलिस भर्ती परीक्षा में फर्जीवाड़ा : कांस्टेबल भर्ती प्रक्रिया में ज्वाइनिंग लेटर जारी करने पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक

रायपुर। छत्तीसगढ़ में वर्ष 2023 से चल रही 6000 पदों की बहुप्रतीक्षित आरक्षक भर्ती प्रक्रिया एक बार फिर न्यायिक दायरे में आ गई है। भर्ती में कथित गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने बड़ा अंतरिम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने अगली सुनवाई तक नए नियुक्ति पत्र यानी ज्वाइनिंग लेटर जारी करने पर रोक लगा दी है। यह रोक 23 फरवरी को होने वाली अगली सुनवाई तक प्रभावी रहेगी।

हाईकोर्ट में दायर याचिका में आरोप लगाया गया है कि आरक्षक भर्ती की शारीरिक दक्षता परीक्षा (फिजिकल टेस्ट) के दौरान बड़े पैमाने पर नियमों की अनदेखी की गई। याचिकाकर्ताओं का दावा है कि कम से कम 129 अभ्यर्थियों को जानबूझकर अनुचित लाभ पहुंचाया गया। आरोप है कि इन अभ्यर्थियों के फिजिकल टेस्ट से जुड़े आंकड़ों में हेरफेर की गई, जिससे वे मेरिट सूची में आगे आ सके और चयन के योग्य घोषित हो गए।

याचिका में यह भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं कि फिजिकल टेस्ट के दौरान सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए लगाए गए CCTV कैमरों का फुटेज बाद में डिलीट कर दिया गया। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि यदि यह फुटेज सुरक्षित रहता, तो भर्ती प्रक्रिया में हुई कथित अनियमितताओं की सच्चाई सामने आ सकती थी। फुटेज के कथित रूप से नष्ट किए जाने से भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग गए हैं।

हाईकोर्ट ने प्रारंभिक सुनवाई के दौरान इन आरोपों को गंभीर मानते हुए यह स्पष्ट किया कि जब तक मामले की गहन जांच नहीं हो जाती, तब तक नई नियुक्तियों को आगे बढ़ाना उचित नहीं होगा। इसी आधार पर कोर्ट ने नए ज्वाइनिंग लेटर जारी करने पर रोक लगा दी। हालांकि कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन अभ्यर्थियों को अब तक नियुक्ति पत्र जारी किए जा चुके हैं, उनके संबंध में फिलहाल कोई आदेश नहीं दिया गया है। यानी पहले से जारी नियुक्ति पत्रों पर रोक लागू नहीं होगी।

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