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छत्तीसगढ़

मस्तूरी गोलीकांड में पुलिस का बड़ा खुलासा : शूटआउट के 7 आरोपी गिरफ्तार, हथियार बरामद

बिलासपुर। पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह (भा.पु.से.) के नेतृत्व में बिलासपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। थाना मस्तूरी क्षेत्र में हुए गोलीकांड के आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आपसी रंजिश और वर्चस्व की लड़ाई में षड्यंत्र रचकर फायरिंग करने वाले 07 आरोपियों को एसीसीयू (सायबर सेल) और मस्तूरी थाना की संयुक्त टीम ने पकड़ा है।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 02 देशी पिस्टल, 01 कट्टा, 05 मैगजीन, 04 जिंदा कारतूस, 13 खाली खोखे, 10 बुलेट और 05 मोबाइल फोन जब्त किए हैं। आरोपियों की पहचान विश्वजीत अनंत, अरमान उर्फ बलमजीत अनंत, चाहत उर्फ विक्रमजीत अनंत, मोहम्मद मुस्तकीम उर्फ नफीस, मोहम्मद मतीन उर्फ मोंटू और दो बाल अपराधियों के रूप में हुई है।

पुलिस ने बताया कि नितेश सिंह (प्रार्थी) और विश्वजीत अनंत के बीच जमीन विवाद और राजनीतिक वर्चस्व को लेकर पुराना झगड़ा चल रहा था। दोनों पक्षों ने पहले भी एक-दूसरे के खिलाफ मस्तूरी और सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। विश्वजीत अनंत ने अपने भाइयों और साथियों के साथ मिलकर नितेश सिंह की हत्या की योजना बनाई थी।

पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि 25 अक्टूबर को हमला असफल रहने के बाद 28 अक्टूबर शाम 6 बजे आरोपियों ने दो मोटरसाइकिलों से पहुंचकर मस्तूरी मेन रोड पर ताबड़तोड़ फायरिंग की, जिससे नितेश सिंह के साथी राजू सिंह और चंद्रभान सिंह घायल हो गए। घायलों का इलाज अपोलो अस्पताल में जारी है।

विवेचना के दौरान यह भी सामने आया कि तारकेश्वर पाटले ने विश्वजीत अनंत को 1 लाख रुपये दिए थे, जिसे उसने आरोपियों में बांटा। पुलिस अन्य शामिल आरोपियों और षड्यंत्रकारियों की भूमिका की जांच कर रही है और कहा है कि सभी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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