बिलासपुर। प्रयास पब्लिक स्कूल के बैंक खाते को म्यूल अकाउंट बनाकर साइबर ठगों द्वारा 1.12 करोड़ रुपये का बड़ा संदिग्ध लेनदेन करने का मामला सामने आया है। साइबर अपराधियों ने कोलकाता में गुम हुए स्कूल संचालक के मोबाइल नंबर और सिम कार्ड का एक्सेस प्राप्त करके इस पूरी धोखाधड़ी को अंजाम दिया।
100 से ज्यादा खातों में भेजी रकम : कोलकाता से वापस बिलासपुर लौटने के बाद स्कूल संचालक ने 16 अगस्त को अपना पुराना मोबाइल नंबर दोबारा जारी कराया। इसके अगले दिन यानी 17 अगस्त को जब उन्होंने अपना ई-मेल चेक किया, तो खाते में हुए संदिग्ध लेनदेन की जानकारी सामने आई। प्रयास पब्लिक स्कूल का आईसीआईसीआई बैंक की राजकिशोर नगर शाखा का खाता इसी मोबाइल नंबर से जुड़ा हुआ था।
शिकायत के अनुसार साइबर ठगों ने 14 अगस्त को सबसे पहले 800 रुपये का एक ट्रायल ट्रांजेक्शन करके खाते की जांच की थी। इसके बाद ठगों ने इसी खाते को म्यूल अकाउंट के रूप में इस्तेमाल करते हुए 1.12 करोड़ रुपये का भारी लेनदेन किया और पूरी रकम को 100 से अधिक बैंक खातों में भेज दिया।
खाते में छोड़े सिर्फ 29 रुपये : स्कूल के संचालक के अनुसार, इस पूरे फर्जीवाड़े से पहले स्कूल के बैंक खाते में महज 181 रुपये शेष बचे हुए थे। जालसाजों ने मनी लॉन्ड्रिंग और ठगी की अवैध रकम को खपाने के उद्देश्य से इस खाते को म्यूल अकाउंट के रूप में इस्तेमाल किया। साइबर ठग पूरी रकम को अलग-अलग खातों में निकालने के बाद बैंक खाते में केवल 29 रुपये छोड़कर गायब हो गए। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान पीड़ित का फोन लगभग छह दिन तक चालू रहा, जिससे साइबर ठगों को बैंक खाते का एक्सेस आसानी से मिल गया।
उन्होंने आम नागरिकों को सचेत करते हुए सलाह दी कि मोबाइल फोन गुम होने पर तुरंत नजदीकी ऑपरेटर सेंटर या कस्टमर केयर से संपर्क करके सिम ब्लॉक कराएं। साथ ही अपने संबंधित बैंक से तुरंत संपर्क साधकर यूपीआई और नेट बैंकिंग की सुविधाएं बंद कराएं। उन्होंने यह भी कहा कि फोन गुम होने की तत्काल सूचना नजदीकी पुलिस थाने में भी दी जानी चाहिए ताकि ऐसी धोखाधड़ी से बचा जा सके।







