यूपी / लखनऊ । रविवार को लखनऊ के कैसरबाग स्थित सिविल और जिला कोर्ट परिसर के बाहर वकीलों के अवैध चेंबर्स को बुलडोजर से तोड़ा जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, नगर निगम के बुलडोजर अवैध चेंबर्स को ध्वस्त कर रहे हैं। चेंबर्स तोड़ने का विरोध करते हुए कई वकील सड़कों पर लेट गए। कार्रवाई के मद्देनजर कचहरी के आसपास भारी पुलिस तैनात किए गए हैं।
पुलिस के अनुसार पीएसी के साथ कई थानों की फोर्स तैनात की गई है। एडीसीपी, एसीपी समेत नगर निगम के अधिकारी मौजूद हैं। कोर्ट के आदेश पर नगर निगम ये कार्रवाई कर रहा है। नगर निगम ने 211 चैंबरों को गिराने के लिए चिह्नित किया था।
हाई कोर्ट ने नहीं मिली थी राहत : इससे पहले वकील हाई कोर्ट में नगर निगम के खिलाफ अपील लेकर पहुंचे थे, जिसे खारिज कर दिया गया था। मई से अगस्त के बीच दो बार में 72 अवैध चैंबर तोड़े जा चुके हैं। इसके पहले नोटिस के खिलाफ आईं 14 आपत्तियों पर समाधान भी दे दिया गया है। प्रस्तावित अभियान 11 अक्तूबर को होना था लेकिन आपत्तियों के निपटारे और कोर्ट में अपील लंबित होने के कारण इसे टाल दिया गया था।
अवैध चैंबर खाली करने का दिया गया था आदेश : नगर निगम ने वकीलों को नोटिस जारी कर 30 अगस्त तक अवैध चैंबर खाली करने को कहा था। इनमें से कई ढांचे नालों के ऊपर बनाए गए हैं। ये चैंबर और अन्य ढांचे लखनऊ जिला अदालत परिसर के पास सार्वजनिक रास्तों और सार्वजनिक उपयोग की जमीन पर बनाए गए हैं। चैंबरों पर लाल रंग से क्रॉस के निशान लगाए गए हैं। खबरों के अनुसार, निशान लगाए जाने के बाद वकीलों ने चैंबर खाली कर दिए थे। हाई कोर्ट ने नोटिस जारी करने और अतिक्रमण हटाने का आदेश दिया था।
17 मई को की गई कार्रवाई का वकीलों ने किया था विरोध: 17 मई को नगर निगम ने पुलिस और PAC जवानों के साथ मिलकर अवैध चैंबरों को गिराने की कार्रवाई की थी। इस कार्रवाई का कड़ा विरोध हुआ था। आरोप है कि वकीलों ने हंगामा किया था और कथित तौर पर पथराव भी किया, जिसके जवाब में पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा था। तीन वकील और एक कांस्टेबल घायल हो गए थे। इसी महीने मेरठ में निर्माणाधीन मंदिर गिराने पहुंचे बुलडोजर के सामने बैठकर महिलाएं भजन गाने लगी थी। बड़ी संख्या में लोगों ने एक कार्रवाई का विरोध किया था।







