मुंबई। अभिनेता टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में गिरफ्तार किए गए तीन आरोपियों को बुधवार को 37वीं मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया गया। पुलिस ने कोर्ट को बताया कि हरियाणा और दिल्ली में पांच और लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिन्हें मुंबई लाया जा रहा है। सभी आरोपी कथित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े हैं।
अभियोजन पक्ष ने कहा कि अपराध में इस्तेमाल किए गए हथियार अभी बरामद नहीं हुए हैं और आरोपियों ने अपराध में इस्तेमाल किए गए मोबाइल फोन नष्ट कर दिया है। पुलिस ने और कस्टडी की मांग करते हुए दलील दी कि साजिश का अभी पूरी तरह से खुलासा होना बाकी है और अपराध के वित्तीय पहलू के साथ-साथ मोबाइल फोन को ठिकाने लगाने के मामले की भी जांच होनी है।
अभियोजन पक्ष ने इस अपराध को गंभीर बताया और दावा किया कि आरोपी आदतन अपराधी हैं। उन्होंने तर्क दिया कि बड़ी साजिश और इसमें शामिल लोगों की भूमिका का पता लगाने के लिए आरोपियों से कस्टडी में और पूछताछ जरूरी है।
31 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में
अंसारी की ओर से पेश वकील अजिंक्य मिरगल ने पुलिस कस्टडी बढ़ाने का विरोध करते हुए दलील दी कि पुलिस पहले ही आरोपियों को कोटा से ट्रांजिट रिमांड पर ले चुकी है और अन्य गिरफ्तारियां भी की जा चुकी हैं।
उन्होंने आगे की कस्टडी की जरूरत पर सवाल उठाया और अदालत से अनुरोध किया कि आरोपियों को मजिस्ट्रियल कस्टडी में भेज दिया जाए। अदालत ने तीनों आरोपियों को 31 अक्टूबर तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया है।
निशाने पर नहीं थे टाइगर
मुंबई क्राइम ब्रांच के अनुसार, ये तीनों कथित शूटर शुरू में बॉलीवुड की किसी दूसरी बड़ी हस्ती को निशाना बनाने की योजना बना रहे थे, लेकिन उस हस्ती की कड़ी सुरक्षा को देखते हुए उन्होंने अपना निशाना बदलकर श्रॉफ को चुन लिया। पुलिस ने उस हस्ती की पहचान का खुलासा नहीं किया है।
रविवार शाम करीब 7 बजे जुहू में जब श्रॉफ एक फुटबॉल क्लब से निकल रहे थे तब उनकी कार पर गोलीबारी हुई। अभिनेता को कोई चोट नहीं आई, जबकि उनके ड्राइवर को चोटें आईं।







