कोरबा से दिल्ली तक मचा हड़कंप
कोरबा। नेशनल थर्मल पावर कार्पाेरेशन (एनटीपीसी) के कोरबा संयंत्र के स्विच यार्ड में ब्रेकर की टेस्टिंग के दौरान शुक्रवार शाम इलेक्ट्रिकल फॉल्ट आने से संयंत्र की सभी सात इकाइयां एक के बाद एक ट्रिप होकर बंद हो गईं।
इससे 2,600 मेगावाट क्षमता वाले संयंत्र में बिजली उत्पादन पूरी तरह ठप हो गया। इससे छत्तीसगढ़ समेत महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, पंजाब, गुजरात, राजस्थान व गोवा की विद्युत आपूर्ति प्रभावित हुई।
एनटीपीसी के अधिकारी व तकनीकी अमले ने खराबी दूर करने का काम शुरू कर दिया है। जानकारी के अनुसार, शाम करीब छह बजे संयंत्र के स्विच यार्ड में पावर ग्रिड कॉर्पाेरेशन इंडिया लिमिटेड (पीजीसीआइएल) के बे की टेस्टिंग की जा रही थी।
इसी दौरान इलेक्ट्रिकल फॉल्ट आने से विद्युत आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित हुई। सूचना मिलते ही ग्रुप महाप्रबंधक किशोर चंद्र महापात्र समेत वरिष्ठ अधिकारी और तकनीकी अमला स्विच यार्ड पर पहुंचा।
खराबी का पता लगाने के साथ सुधार कार्य शुरू किया गया। एनटीपीसी की जनसंपर्क अधिकारी ऊष्मा घोष ने बताया कि इकाइयों को दोबारा चालू करने की प्रक्रिया जारी है और देर रात तक इनके परिचालन में आने की उम्मीद है।
2011 में भी बंद हुई थीं छह इकाइयां
एनटीपीसी कोरबा संयंत्र की धनरास राखड़ बांध वर्ष 2011 में अचानक फूट गया। इसके बाद संयंत्र से उत्सर्जित राख के भंडारण का कोई विकल्प नहीं रहा। तब यहां की छह इकाइयों को बंद करना पड़ा था। उस समय 200 मेगावाट की एक इकाई ही चालू रह सकी थी।







